चीन को नुकसान पहुंचाने के लिए अमेरिका ने चली एक और चाल

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से चीन से आयातित 200 अरब डॉलर की वस्तुओं पर लगाया गया नया शुल्क सोमवार से प्रभावी हो गया है। इसके साथ व्यापार मोर्चे पर लड़ाई आगे बढ़ चुकी है। ट्रंप प्रशासन अब तक चीन से आयातित 250 अरब डॉलर की वस्तुओं पर शुल्क लगा चुका है। यह अमेरिका को होने वाले चीन के निर्यात का करीब-करीब आधा हिस्सा है।
ट्रंप ने चीन को धमकी दी थी अगर उसने अमेरिकी उद्योगों को नुकसान पहुंचने वाली नीतियों में बदलाव करने से मना किया तो वह चीन से होने वाले पूरे आयात पर शुल्क लगायेंगे। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पाम्पियो ने फॉक्स न्यूज से रविवार को कहा, “हम जीत की ओर बढ़ रहे हैं। हम एक नतीजे को प्राप्त करने जा रहे हैं जो कि चीन को वैश्विक शक्ति की तरह व्यवहार करने पर मजबूर करेगा। यदि आप वैश्विक शक्ति बनाना चाहते है तो आपको पारदर्शी, कानून का पालन करना होगा, आप बौद्धिक संपदा की चोरी नहीं कर सकते।”

अमेरिका के शुल्क के जवाब में चीन ने भी अमेरिका से आयातित 60 अरब की वस्तुओं पर सोमवार से ही शुल्क लगाने की घोषणा की थी। इस तरह चीन अब तक अमेरिका से आयात होने वाले कुल 110 अरब डॉलर के आयात सामान पर शुल्क लगा चुका है। कुल मिलाकर अमेरिका से होने वाले चीन के समूचे आयात पर शुल्क लग चुका है।

अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने कहा कि दोनों देशों के बीच जारी व्यापार वार्ता का अंत होता हुआ प्रतीत हो रहा है। चीन ने अमेरिका जाने वाले अपने प्रतिनिधिमंडल की यात्रा को रद्द कर दिया। इनके 27-28 सितंबर को अमेरिका जाने की उम्मीद थी।